Hum Aaj Kahin Dil Kho Baithe


हम आज कहीं दिल खो बैठे
यूँ समझो किसी के हो बैठे
हम आज कहीं ...

हरदम जो कोई पास आने लगा
भेद उल्फ़त के समझाने लगा
नज़रों से नज़र का टकराना
था दिल के लिये इक अफ़साना
हम हाथों से दिल को गंवा बैठे
हम आज कहीं ...

आँखों में समाया कोई मगर
कौन आया किसी को क्या ये खबर
पूछो तो यही है उसका पता
चंचल नैना और शोख अदा
हम दिल की नैय्या डुबो बैठे
हम आज कहीं ...

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